Difference Between Factory Industry And Company in Hindi

फैक्टरी उद्योग और कंपनी के बीच अंतर

Difference Between Factory Industry And Company : आज मैं आप सभी को इस लेख में बताऊंगा Difference Between Factory, Industry And Company के बारे में, बिजनेस से रिलेटेड बहुत से वर्ड अक्सर आप सभी सुनते होंगे कि यह वर्ड में कितने Common होते है कि इनके बीच का अंतर आप सभी आसानी से समझ ही नहीं पाते है और अक्सर आप सभी कंफ्यूजन में पड़े रहते होंगे।

ऐसे ही कुछ Wordsहै Factory, Industry और Company, आप सभी की कंफ्यूजन दूर करने के लिए और इन तीनों के बारे में क्लियर और Specific Information देने के लिए हमने आज आप सभी को इस लेख में पुरी जानकारी देने वाला हूं।

Difference Between Factory Industry And Company
Difference Between Factory Industry And Company

Factory

Factory को Manufacturing Plant या Production Plant भी कहा जाता हैं जो एक इंडस्ट्रियल साइड होता है । यह अक्सर एक कंपलेक्स होता है जिसमें बहुत सी बिल्डिंग होती है और इसमें मशीनरी लगी होती है यहां पर वर्कर्स Product Manufactur करते हैं और मशीन को ऑपरेट करते हैं।

Factory Model Economy Production का एक मेजर पार्ट है क्योंकि पूरी दुनिया में Product Factory पर ही Create और प्रोसेस्ट किए जाते हैं । यह ऐसा बिल्डिंग होता है जहां पर वर्कर्स मशीन का यूज करके ऐसी चीजें बनाते हैं जिन्हे बेचा जा सकता हैं।

आप सभी जानते ही होंगे कि बहुत सारे फैक्ट्री ऐसे है जहां पर मशीन का यूज करके पूरा काम किया जाता है। आज के समय में जो मॉडल फैक्ट्री होते हैं उसमें बड़े-बड़े स्टोर रूम या बियरहाउस होते हैं जिसमें मैन्युफैक्चरिंग Related Heavy Tools और इक्विपमेंट्स को रखा जाता है।

फैक्ट्री किसी और जगह की सामान को सप्लाई ले सकती है और उस रा- मटेरियल से नए-नए प्रोडक्ट्स बना सकती है। हर इंडस्ट्री के प्रोडक्ट फैक्ट्री में ही तैयार होती है और ऐसे ही कुछ फैक्ट्रीज है। Clothing And Textile, Electronics, Computers, And Transportation, Food Production, Metal Manufacturing.

यह Factory हमेशा से एक्जिस्ट नहीं करती थी लेकिन इंडस्ट्रियल रिवॉल्यूशन के टाइम फैक्ट्री सिस्टम शुरू किया गया था। इस सिस्टम को शुरू करने से पहले प्रोडक्ट तैयार करने का काम घर पर किया जाता था या फिर छोटी सी वर्कशॉप में,

लेकिन फैक्ट्री System शुरू हो जाने के बाद बहुत बड़े स्तर पर प्रोडक्ट तैयार करने के लिए Powered Machinery, Centralized Workplace अनस्किल्ड वर्कर्स और लेवर डिवीजन का यूज़ किया गया। Factory क्या होता है यह तो आप सभी को समझ में आ गया होगा।

Industry

आप सभी को बता दूं कि इंडस्ट्री इकोनॉमिक्स का ऐसा पार्टीकूलर सेक्टर होता है या तो गुड्स की मैन्युफैक्चरिंग में इंवॉल्व होता है, या फिर Services Provided कराता है। इंडस्ट्री एक ऐसे कंपनीज का ग्रुप है जो अपने प्राइमरी बिजनेस एक्टिविटीज सिमिलर होता है।

आप सभी को बता दूं कि ऐसे ही कुछ इंडस्ट्री है, जैसे कि – Chemical And Petrochemicals, Automobiles And Auto Components, Construction And Engineering, Financial Services, Food And Beverages, Textile Apparels And Accessories और Real Estate, आगे आप सभी को यह बता दे कि एक इंडस्ट्री के 4 सेक्टर्स होते है।

1 Primary Sector

इस प्राइमरी सेक्टर में आप सभी को बताऊं तो Farming, Mining, Lodging सामिल होते है और इसमें रा-मटेरियल का इंस्ट्रक्शन और प्रोडक्शन इंवॉल्व होता है।

2 Secondary Sector

आप सभी को इस सेकेंडरी सेक्टर के बारे में बता दूं तो इसमें फैक्ट्रीज आती हैं जो प्राइमरी इंडस्ट्री के प्रोडक्ट्स को प्रोसेस करता है।

3 Tertiary Sector

इस Tertiary Sector के बारे में आप सभी को बता दूं तो इसमें वही लोग शामिल होते हैं जो लोग Services Provide करते है। जैसे कि -Doctors, Lawyers, Teachers और भी बहुत सारे सर्विस प्रोवाइडर्स।

4 Quaternary Sector

इस Quaternary Sector के बारे में आप सभी को बता दूं तो इसमें ऐसे लोग आते हैं जो Scientific Research और New Technology के Development में सामिल होते है।

यह तो आप सभी ने समझ लिया इंडस्ट्री की, लेकिन Factory और Industry के Different के बारे में आप सभी समझे तो Factory एक ऐसी Side या लोकेशन है जहां पर बिजनेस का मेकिंग प्रोसीजर होता है। जबकि Industry ऐसे बिजनेस का कलेक्शन होता है, सेम मैटेरियल या इन सभी को सर्विस प्रोवाइड करता है।

जैसे कि – Beauty Industry, Automobile Industry फैक्ट्री इंडस्ट्री का एक Part होता है जबकि इंडस्ट्री का एरिया बहुत ही Wide होता है, Factory को मिलने वाला स्कोप इंडस्ट्रीज से काफी कम होता है। फैक्ट्री के जरिए इकोनॉमिक्स में प्रोग्रेस होता है और इंडस्ट्री इकोनॉमिक्स प्रोग्रेस के लिए Factory का यूज करती है।

आप सभी को बता दू कि उस कंट्री के लोगों को लिविंग स्टैंडर्ड को बेहतर बनाने में हेल्प करती है। फैक्ट्री के प्रोडक्ट के प्रोडक्शन से रिलेटेड होता है जबकि इंडस्ट्री के जरिए Production और Services दोनों सामिल होते हैं।

Company

कंपनी एक ऐसे इंडिविजुअल से बनी होती है जो इस कंपनी के एम्स और ऑब्जेक्टिव को पुरा करने के लिए साथ में काम करते हैं। कंपनी बहुत ही तरह के हो सकती है, जैसे कि – Corporation, Partnership, Association, Private Limited या फिर Public Limited Company,

कंपनी के डिफरेंट फॉर्म्स के रजिस्ट्रेशन और स्ट्रक्चर पर डिपेंड करता है। Law में एक Company को इंडिविजुअल माना जाता है, जैसे कि – Axis Bank, Infosys, TATA STEEL, Tech Mahindra यही सब कंपनीज के एग्जांपल है।

कंपनी और इंडस्ट्री के बीच डिफरेंस आप सभी देखे तो यानीकि एक इंडस्ट्री में बहुत सारे कंपनी एक साथ शामिल होते हैं जो कि सिमिलर प्रोडक्ट मैन्युफैक्चरिंग में इंवॉल्व होता है आप सभी जानते होगें की इंडस्ट्री अपने आप में ही कंप्लीट होता है और इंडस्ट्री कंपनी से बहुत ही बड़ा होता है।

आप सभी को बता दू कि Company और Factory के Defence के बारे में बात करें तो कंपनी इंडिविजुअल का एक एसोसिएशन या कलेक्शन है जबकि Factory ऐसी फैसिलिटी है जहां पर सभी प्रोडक्ट बनाए जाते हैं।

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