LIC Monopoly in Indian insurance Sector. How LIC started? LIC की शुरुआत कैसे हुई?

LIC Monopoly in Indian insurance Sector : हेलो दोस्तों आज मैं इस लेख में आप सभी को बताऊंगा LIC इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के बारे में, दोस्तो अगर मै आप सभी को बताऊं Toothpaste के बारे में तो सबसे पहले Colgate का नाम आता है, अगर मैं आप सभी को बताऊ नूडल्स के बारे में तो सबसे पहले मैगी का नाम आता है। अगर मैं इंश्योरेंस की बात करूं तो सबसे पहले LIC का नाम आता है, LIC भारत में पूरे तरीके से इंश्योरेंस Sector में इनकी Monopoly है।

गवर्नमेंट की सबसे Profitable कंपनियों में से एक हैं, आने वाले कुछ दिनों के अंदर एलआईसी IPO Launch कर रही हैं Governments इसके थ्रू करीब 63 थाउजेंड करोड़ रुपए करीब जुटाना चाहती हैं। इस लेख में मै आप सभी को बताऊंगा कैसे एलआईसी का शुरुआत हुआ किस तरह से एलआईसी गवर्नमेंट की सबसे अच्छे कंपनियों में से एक बनी ।

LIC Monopoly in Indian insurance Sector
LIC Monopoly in Indian insurance Sector

LIC की शुरुआत कैसे हुई? How LIC started?

दोस्तों एलआईसी की शुरुआत कंपनी ने 5 करोड़ रूपए लगाकर करी थी। आज तक कंपनी ने सरकार को करीब 23 लाख करोड़ का मुनाफा ( Total profit NIR 23 Lakh Crore ) दे चुकी है, हम मार्केटिंग के बारे में बात करें तो सबसे बेस्ट मार्केटिंग यह कंपनी ने दिखाई क्योंकि जिस तरह से हम केवल रोटी कपड़ा और मकान तीन चीज जानते हैं लोगों की सबसे Essential Needs, उसी तरह से LIC आज के Date में Government ने इसतरह से मार्केट में प्रोजेक्ट किया।

जो हमारी इंश्योरेंस हैं वह हमारी लाइफ का एक हिस्सा बन गई इससे लोग एलआईसी पर बहुत ही ज्यादे भरोसा करने लगे। LIC का आईपीओ आने वाला है लेकीन इसका कुछ लोग विरोध कर रहे हैं और कुछ लोग इसके सपोर्ट में खड़े हैं ।

LIC को Deep से कैसे समझे ?

दोस्तों यह बात है साल 1818 का जब सबसे पहले भारत में बीमा कंपनी की शुरुआत हुई थी इसका नाम था Oriental Life insurance company शुरुआत में भारत में केवल अंग्रेजों का ही बीमा किया जाता था। लेकिन भारतियो का बीमा नहीं होता था यहां पर बाबू मुन्नीलाल ने और कई ऐसे लोगो ने कई लड़ाई लड़े अंग्रेजों से जिसके बाद भारतीयों को भी अधिकार मिल गया लाइफ इन्सुरेंस करने के लिए,

लेकिन भारतीयों के लिए रेट कुछ अलग थे और अंग्रेजों के लिए रेट कुछ सस्ता थे, इसके चलते कई सारी लड़ाइयां होती रही अंग्रेजों से, लेकिन साल 1870 में जाकर भारत की लाइफ इंश्योरेंस की शुरुआत हुई, जिससे भारतीयों को भी बराबर का अधिकार मिलने लगा। जब हम 1870 के बाद कि बात करें तो बहुत ही सारे बीमा कंपनियां आने लगी, ऐसे ही भारत से भी, विदेशो से भी बहुत ही बड़ी-बड़ी कंपनी आने लगी क्योंकि यह बिज़नस बहुत ही प्रॉफिटेबल हैं।

जैसे कि-
Bombay mutul Life insurance society (1870)
Postal Life insurance (1884)
Bharat insurance company (1896)
United India (1906)
National India (1906)
National insurance(1906)
Co-operative insurance (1906)
Hindustan co-operative(1907)
etc.

यह बिजनेस बड़ा ही Profitable हो रहा था, उसके बाद भारत धीरे-धीरे साल 1947 में आजाद हो जाता है। जब भारत आजाद हो गया उसके बाद भारत में 245 बीमा कंपनियां थी। सरकार यह सोच रही थी कि इस कंपनी से प्रॉफिट बहुत ही ज्यादा हो रहा है तो सरकार का भी कुछ Involvement होना चाहिए।

इसके बाद साल 1956 में करीब 154 भारतीय बीमा कंपनियां थी, बीमा की 16 विदेशी कंपनियां थी और 75 प्रोविडेंट कंपनियां थी, इन सभी कंपनीयों को जोड़ कर भारत सरकार ने 18 June1956 में भारतीय जीवन बीमा निगम कम्पनी की शुरुआत किया और यह पूरी तरीके से सरकारी कंपनी हो चुकी थी ।

1956 में LIC के 5 Zonal office थे, 3 Divisional office थे, 212 Branch office थे, एक corporate office थे, LIC ने पहले साल में ही करीब 200 करोड़ का बिजनेस किया । इसके पीछे बहुत ही बड़ा रीज़न था क्योंकि सरकार involve हो गई थी । जहां पर सरकार की हिस्सेदारी हो गई, तो लोगो का विश्वास हो गया कि LIC कही नहीं जाएगी। अगर भविष्य में एलआईसी डूब गई तो सरकार है तो पैसा हम लोग का कभी नहीं डूबेगा।

इसलिए LIC पहले ही साल में बहुत ही Profitable हो गया, इसके बाद साल 1990 तक सरकार का पुरा कंट्रोल था बहुत ही ज्यादा कंपनी के ऊपर। इसके बाद 1991 में जब पूरा प्राइवेटेसन होता है तब सरकार ने अपनी कंपनी प्राइवेट में बेच दिया LIC को सरकार ने कभी नहीं छुआ, क्योंकि यहां पर बहुत ही ज्यादा लोगों का पैसा लगा हुआ था।

आज के डेट में करीब 36 लाख करोड़ रुपए लोगों का पैसा एलआईसी में लगे हुए हैं सरकार भी समझती है मुझे बहुत ही बड़ी जिम्मेदारी है जो कि सरकार के हाथ में रहना चाहिए । सरकार को यह बात पहले से ही पता था फ्यूचर की सबसे प्रॉफिटेबल कंपनी में से एक सरकार की होने वाली हैं, सरकार की इस बुरी स्थिति में मदद करने जरूर आएगी और यह बहुत ही अच्छा साबित हुआ।

आज के समय में हम एलआईसी के बारे में बात करें तो वह बहुत ही सारे लोगों को जॉब दे रखी है, एलआईसी में 12 Lac से ज्यादा एजेंट लोग काम किया करते हैं, एलआईसी में 30 करोड़ से ज्यादा पॉलिसी होल्डर है। अगर हम एलआईसी के valuation की बात करें तो यह 11लाख करोड़ से ज्यादा एलआईसी की वैल्यूएशन हैं। आज के डेट में हम बात करें तो इतनी सारी कंपनियां है पूरे भारत में लेकिन उसमें से two third से ज्यादे मेजॉरिटी एलआईसी के पास हैं। मतलब कि एलआईसी पूरी तरीके से मोनोपोली बना कर रखी है।

एलआईसी के पीछे हैं सबसे बड़ी इन की मार्केटिंग, साल 1970 में इन्होंने अपना एक एड रिलीज किया था जिसमें दो हाथों के बीच में एक बच्चा था। इसका मतलब यह था कि अगर आप एलआईसी में बीमा कराते हैं तो आप के बच्चे का भविष्य पूरी तरीके से सिक्युर हैं। इस तरीके से LIC ने लोगों के सामने प्रेजेक्ट किया था। 1980 के बाद टीवी का चलन भारत में ज्यादा ही बढ़ता गया, सरकार ने भारत में एक ऐड बहुत ज्यादा चलाया जिसका नाम है लाइफ इंश्योरेंस मतलब की LIC लोगों के दिमाग में एकदम यह बैठ गया।

सरकार ने एक और चीज याद किया जैसे की रोटी कपड़ा मकान और एलआईसी, सरकार ने एलआईसी को लोगों के साथ एक बेसिक नीड के साथ जोड़ने की कोशिश की, वह बहुत ही सही साबित हुआ सरकार का यह प्रयोग। साल 1990 में सरकार ने बेस्ट टैग लाइन दे रही थी ” न चिंता न फिकर और न ही डर ” यह एड याद होगा ही आप सभी को, सरकार ने वहीं पर अगला एड दिया था ” जिंदगी के साथ भी जिंदगी के बाद भी ” सबसे बेस्ट किसी ने मार्केटिंग किया था तो वह हैं LIC आज के डेट में हम उसका रिजल्ट देख सकते हैं।

इन सभी Advertisement के दम पर सरकार ने लोगों को educate किया। अगर आप इंश्योरेंस लेते हैं तो आपका और आपके बच्चे का फ्यूचर बहुत ही हद तक secure हो जाएगा । सरकार बहुत ही हद तक अपने इंश्योरेंस कंपनी में कामयाब भी रही। अगर हम एलआईसी के बारे में बात करें तो एलआईसी सरकार का तिजोरी बन गया था। अगर जब भी सरकार किसी मुसीबत में होती है तो उनके लिए एलआईसी बहुत ही बड़ा option होता है।

जब 2015 में ONGC का आईपीओ लॉन्च हुआ था तब एलआईसी ने सरकार को करीब ₹10,000 कारोड रूपए दिया था । अगर हम 2019 की बात करें तो आईडीबीआई बैंक कर्ज से बहुत बुरी तरह जूझ रही थी तब वहां पर भी एलआईसी ने आकर सरकार का साथ दिया, जब सरकार किसी मुसीबत में पड़ती है तो सरकार का मदद LIC ही करती है और सरकार का एक प्रॉफिटेबल कंपनी है।

2019 के आरबीआई के डेटा के अकॉर्डिंग अगर हम बात करें तो सरकार अभी तक 23 लाख करोड़ रुपए एलआईसी से ले चुकी है। जिसमे से सबसे ज्यादा 2014 से 2019 तक सरकार ने 10 .4 लाख करोड़ रुपए लिया है। इस तरह से हम बात करें तो सरकार जब-जब मुसीबत में होती है तब-तब एलआईसी इनको आकर साथ देती हैं। अभी तक एलआईसी की 100% हिस्सेदारी सरकार को है। आने वाले टाइम में सरकार इसमें से कुछ परसेंट मार्केट में रिलीज करना चाहती हैं, तो हम जान लेते हैं कि इस तरह से कितनी बड़ी यह कंपनी है।

आज के बारे में हम बात करें तो, 8 Zonal office है, 113 Divisional office हैं, 1381 करोड़ Satellite office हैं, 2048 Branch office है। अगर हम बात करें तो LIC में एक लाख से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं तो कर्मचारियों का यह डर है कि अगर एलआईसी का प्राइवेटेसन होता है तो कुछ हद तक सरकार से बाहर कंट्रोल हो सकता हैं तो कर्मचारियों का डर है कि कही नौकरी न चलिजाये, इसलिए हम देखते हैं कि कई जगह एलआईसी के कर्मचारी लोग इसका विरोध करते हुए नजरआ रहे हैं।

एलआईसी आने वाले टाइम में secure नहीं रहेगी अगर इसका प्राइवेटेसन होता है या अगर IPO लाया गया तो इस बार लोगों का भरोसा कम होने लगेगा LIC में, ‘अगर 100% एलआईसी पूरी तरीके से सरकार के कंट्रोल मेंरहेगी तो लोग बिना सोचे समझे एलआईसी में इन्वेस्ट कर दिया करेंगे और लाइफ इंश्योरेंस ले लिया करेंगे। अगर यह गवर्नमेंट के कंट्रोल से थोड़ा बाहर होगी तो लोग एलआईसी में कम invest करेंगे और कम भरोसा भी करेंगे। ये सब एलआईसी के एम्प्लोयों का कहना है ।

लेकिन एलआईसी Government का बहुत ही प्रॉफिटेबल कंपनी है मुझे ऐसा लगता है कि मार्केट में कुछ परसेंट लेकर आती हैं तो इससे गवर्नमेंट को बहुत ही ज्यादा फायदा होगा । अगर LIC में जो सबसे पॉपुलर इंश्योरेंस है जो पहले नंबर पर आता है Kanyadan Policy ये बच्चों के भविष्य के लिए बहुत ही अच्छा माना जाता है।

दूसरी नंबर पता है JEEVAN UMANG Policy, इस पॉलिसी में है कि अगर आप 100 साल तक जीवित रहते हैं तो आपको पूरी maturity मिलती है और इसके पहले आपको कुछ हो जाता है तो आपके नामिनी को death benefit के ग्रुप में बहुत सारे पैसे मिलते हैं आपको ।

अगली पॉलिसी की बात करें तो वह है Life benefit policy जिस को हिंदी में कहते हैं जीवन लाभ पॉलिसी इस पर अगर आप ज्यादा पैसा लगाकर ज्यादा रिटर्न पाना चाहते हैं, तो इसको आप ले सकते हैं अगर हम सरकार के सबसे ज्यादा बिकने वाली पॉलिसी की बात करें तो जीवन आनंद पॉलिसी हैं इसमें आप पूरे जीवन की भी पॉलिसी ले सकते हैं और maturity के बाद पूरे पैसे मिल जाते हैं। अगर आप अपने पीछे केलिए छोड़कर जाना चाहते हैं तो यह बहुत अच्छी पॉलिसी मानी जाती है।

पांचवी अगर पॉलिसी की बात करें तो JEEVAN SHANTI Policy है, बहुत ही सही Policy हैं। यह पॉलिसी उन लोगों के लिए है जो रेगुलर इनकम पाना चाहते हैं अगर आप आगे चलकर पेंशन पाना चाहते हैं । यह पांच प्रकार की एक ऐसी पॉलिसी है जो सरकार की तरफ से सबसे ज्यादा बिका करती है LIC के द्वारा, जिसमें जीवन आनंद सबसे ज्यादा पॉपुलर है। तो इस लेख में यही था एलआईसी के बारे में हमारे तरफ से केस Study जिसमें सरकार की सबसे सेफ कंपनी है जिसमें कोई भी इन्वेस्ट कर सकता है।

आने वाले टाइम में इस Policy में कितने सारे लोग इसमें इनवेस्ट करते हैं और यह IPO कितना पर खुलता है । अगर आप मार्केट में इन्वेस्ट करना है तो आप अपने हमेशा Thought Process के हिसाब से इन्वेस्ट करें । आपको किसी दूसरे लोगों की बाते कभी भी नहीं सुनना चाहिए। अपने दोस्तों के साथ शेयर करें कोई भी सुझाव हो तो हमें कमेंट कर के बता सकतें हैं।धन्यवाद ।

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